योग
इदं दर्शन शास्त्रस्य एकं शाखा अस्ति। पश्य पतञ्जलि ॥
शवासन
शलभासन
अर्ध-शलभासन
सुखासन
वज्रासन
उत्कटासन
त्रिकोणासन
भुजंगासन
पश्चिमोत्तानासन
ऊर्ध्वमुख्पश्चिमोत्तानासन
पवनमुक्तासन
धनुरासन
चक्रासन
ऊष्ट्रासन
मंडूकासन
हलासन
मत्स्यासन
मयूरासन
पिन्का-मयूरासन
बकासन
सेतुबंधासन
नटराजन आसन
शीर्षासन
अधोमुखदंड़ासन
बालासन
बिदालासन
बितिलासन
अधोमुख स्वान्-आसन
उत्तानपादासन
अर्धचन्द्रासन
सर्वांगसन
नौकासन
मकरासन
योगमुद्रासन
वृश्चिकासन
पादांगुष्टासन
सुप्तपादांगुष्टासन
वृक्षासन
तोलांगुलासन
हनुमानासन
मलासन
मरीचिआसना-III
बद्धकोणासन
उत्तानशीर्षासन
वीरभद्रासन-I
वीरभद्रासन-II
वीरभद्रासन-III
क्रोन्चसन
उपविष्ट कोणसन
द्विपद्-विपरितदण्डासन
परिवृत्तपार्श्वकोणसन
पार्श्वदण्डासन
अश्व् संचालनासन
मेरुदण्डासन
तीत्तीभासन
पुर् वॊत्तासन