सदस्यः:सौरव नौटियालः
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सांगोपांगवेद विद्यापीठ आर्ष गुरुकुल टटेसर जौन्ती दिल्ली-११००८१
सन् १९४१ में स्थापित यह गुरुकुल क्षेत्रीय शिक्षा का एकमात्र स्रोत है...जिसकी स्थापना गाँव के ही प्रतिष्ठित श्री लालमण जी आर्य ने की थी...वर्तमान में आचार्य हनुमत्प्रसाद अथर्ववेदाचार्य के कुशल आचार्यत्व में चारों वेदों की सस्वर अविच्छिन्न परम्परा का पठनपाठन निरन्तरता से चल रहा है....जो अपने आप में एक कीर्तिमान है क्योंकि आर्यसमाज में मात्र यही गुरुकुल चारों वेदों का सस्वर पाठ पढ़ाता है...इसके अतिरिक्त नामानुरूप वेद के अंग और उपांगो का पठनपाठन भी सुचारू रूप से चल रहा है....