पिबरे रामरसम्

विकिपीडिया, कश्चन स्वतन्त्रः विश्वकोशः
Jump to navigation Jump to search


सदशिवब्रह्मेन्द्रप्रणीतं एकं शास्त्रीयगानम् पिबरे रामरसम्

गीतम्[सम्पादयतु]

पल्लवी

पिबरे रामरसम्, रसने पिबरे रामरसम् ॥

चरणम्

दूरीकृत पातक संसर्गम् ।
पूरित नानाविध फलवर्गम् ॥

जनन मरण भय शोक विदूरम् ।
सकल शास्त्र निगमागम सारम् ॥

परिपालित सरसिजगर्भाण्डम् ।
परमपवित्रीकृत पाषाण्डम् ॥

शुद्ध परमहंस आश्रमगीतम् ।
शुक शौनक कौशिक मुखपीठम् ॥

पल्लवी

पिबरे रामरसम्, रसने पिबरे रामरसम् ॥

"https://sa.wikipedia.org/w/index.php?title=पिबरे_रामरसम्&oldid=373916" इत्यस्माद् पुनः प्राप्तिः